भगवान् श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति का सर्वश्रेष्ठ पुराण। 12 स्कन्धों में विभाजित यह महापुराण धर्म, ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का अद्भुत संगम है। मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल हिन्दी में प्रस्तुत।
अनुवादक: पं. गोविन्द मकरन्द दुबे
प्रकाशक: पाथेय प्रकाशन, जबलपुर म.प्र.
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